गाजियाबाद : विजयनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़

कल दिनांक 26 July को पच्चीस हजार का ईनामी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया दो अन्य निकल भागने में कामयाब ।

गाजियाबाद क्राइम ब्रांच थाना विजयनगर इंस्पेक्टर और उनकी टीम के संयुक्त प्रयास से पच्चीस हजार का ईनामी बदमाश आकिल पुत्र प्राकश निवासी ग्राम छोलस जारचा गौतमबुद्ध नगर को आज पुलिस से हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया ।

गाजियाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा इंस्पेक्टर विजय नगर को सूचना दी कि 6 July 2019 गाजियाबाद थाना क्षेत्र से माल समेत चोरी की गयी गाड़ी Max Bulero,नंबर U.P14 H.T 8018 को कुछ बदमाशों द्वारा TNT चौराहा सिद्दार्थ विहार में बेचने की कोशिश की जा रही है,सूचना के बाद इंस्पेक्टर विजयनगर और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच टीम ने मौके पर पोंहच बदमाशों की घेराबंदी कर दी पुलिस को देख बदमाशों ने भागने की कोशिश की और जब पुलिस ने उनका पीछा किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जबाबी कारवाई में पुलिस द्वारा की गयी फायरिंग में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया बाकी दो भागने में कामयाब रहे,पुलिस ने घायल को गिरफ्तार कर चोरी की गयी गाड़ी बरामद कर ली ।

गिरफ्तार किए गये बदमाश से जब पूछताछ की गयी जिसमे उसने अपना नाम आकिल पुत्र प्राकश बताया,पुलिस ने बताया आकिल अन्य मामलों में भी वांछित था और उसके ऊपर पच्चीस हजार का ईनाम भी है।

पाँच साल पहले सोशल मीडिया पर लिखा था पोस्ट, पुलिस ने लगाया देशद्रोह

प्रधानमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट लिखने के एक पाँच साल पुराने मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पोस्टकर्ता इंचौली निवासी “फहम अजीम सिद्दिकी” के खिलाफ आई टी एक्ट और देशद्रोह का मुकदमा कायम कर कोर्ट में हाजिर किया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया ।

फहम ने अप्रेल 2014 में प्रधानमंत्री के खिलाफ आठ दस पोस्ट लगाए थे,जिसपर भाजपा के नेता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फेसबुक मुख्यालय कैलीफोर्निया से सूचना मांगी थी,जिसके आधार पर फहम के खिलाफ आई टी एक्ट और धारा 124A(देशद्रोह)लगाई गयी है।

23 साल कैद के बाद बेगुनाह साबित हुऐ अली भट्ट का भावनाओं के बाजार में स्वागत ।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वाईरल हो जहा हैं जिसमें एक व्यक्ति कब्र पर औंधे मुँह लेटा हुआ है,दो व्यक्ति जो हाथों में कैमरा लिए हुए हैं वे इसे प्रोफ़ेशनल अंदाज़ में शूट कर रहे है, वीडियो आगे बढ़ने पर नजर आता है एक व्यक्ति उस औंधे मुँह लेटे व्यक्ति को उठाने के लिए आगे आता है,तभी वहीं मौजूदा अन्य व्यक्ति जो कैमरे की जद मे आने से बचते हुए उसे उठाने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को ऐसा करने से मना करता नजर आता है ।

ये कब्र पर लेटा व्यक्ति मुहम्मद अली भट्ट है,22 मई सन 1996 को एक बस जो बीकानेर से आगरा जा रही थी,समलेकी नामक स्थान पर उस बस मे विस्फोट होता है और 14 लोग मारे जाते है और 37 घायल हो जाते हैं,उस घटना के कई आरोपियों में मुहम्मद अली भट्ट भी एक आरोपी था,जिन्दगी के अहम 23 साल जेल में गुज़ारने के बाद मुहम्मद अली भट्ट अदालत से निर्दोष साबित हुआ है,हमेशा की तरह सवाल फिर वही है कि उसके इन 23 सालों का हिसाब कौन देगा जो उसने बिना किसी गुनाह के जेल में गुज़ारे हैं,कांग्रेस की हुकूमत के वक़्त के दो ख़ौफ़नाक काग़ज़ी संगठन सिमी और इंडियन मुजाहिदीन “मुसलमानों औक़ात मे रहो” मुहीम को सलीक़े से अंजाम देते रहे,आजकल ये दोनो संगठन विलुप्त है,क्योंकि वर्तमान सरकार को ढक छुपकर कुछ भी करने की ज़रूरत नही है, आजकल तो फ़ैसला ऑन द स्पॉट किया जा रहा है,दोषी होने के लिये कोई आपत्तिजनक साहित्य बम बंदूक नहीं डेढ़ दो किलो गोश्त ही काफ़ी होता है ।

बात शुरू हुई थी कब्र पर औंधे मुँह लेटे मुहम्मद अली भट्ट से,मुहम्मद अली भट्ट जिस कब्र पर लेटा है वो उसके वालिद की क़ब्र है । 22 साल का वक़्त बहुत होता है,इस दौरान उसे पैरोल पर भी बाहर नही आने दिया गया क्योंकी वो एक ख़ूँख़ार आतंकवादी होने का आरोपी था । जेल से रिहा होने के बाद जब वो बाप को पुरसा देने क़ब्रिस्तान पहुँचा तो भावनाओं का ज्वार बर्दाश्त नही कर पाया और बाप की क़ब्र से लिपट गया,फिर वही हुआ जो ऊपर लिखा है ।

भावनाओं के व्यापार में मुनाफा बहुत और मेहनत कम है, इन्हीं भावनाओं के कई बड़े खिलाड़ी इस वक़्त तख़्तनशी है । वैसे इस खेल के छोटे मोटे खिलाड़ी हर जगह है । एक व्यक्ति जो 22 साल बाद अपनी बेगुनाही साबित कर जेल बाहर आता है । 22 साल पहले उसका बाप ज़िंदा था आज वो मिट्टी के नीचे दबा हुआ है । उसकी कैफ़ियत दूर बैठे हम आप महसूस कर सकते हैं। लेकिन दोनो प्रोफ़ेशनल कैमरा पर्सन को देखिए,उनके लिये मुहम्मद अली भट्ट भावनाओ के बाज़ार का वो कच्चा माल है जिसे नमक मिर्च लगाकर बाज़ार में बेचा जायेगा। ऐसा ही कुछ दिन पहले बाज़ार मे अभिनंदन था। ख़ैर वो बड़ा खेल था। इस छोटे खेल में भी कमज़ोर दिल वालों का तो कलेजा फट ही जायेगा,आवेश में मुट्ठियाँ तनेंगी,हुंकार उठेगी,और फिर सब शांत हो जायेगा हमेशा की तरह। लेकिन इसी सबके बीच किसी का मिशन पूरा होगा,कोई यूट्यूब चैनल हिट होगा,और फिर कहीं अगले शिकार की तलाश होगी। गिद्ध जो अब लुप्तप्राय है, इस पक्षी की ख़ासियत थी कि मरते जानवर के पास बैठ कर उसकी जान निकलने का इंतज़ार करता था। जान निकले की वो टूट पड़े। वो कालजयी फ़ोटो याद कीजिये जिसमें भूख से मरते बच्चे के पास गिद्ध बैठा है. उस फ़ोटोग्राफ़र मे इंसानियत ज़िंदा थी,वो इस मंज़र का सदमा बर्दाश्त नही कर पाया और उसने ख़ुदकुशी कर ली थी। लेकिन आज ऐसा कहाँ होता है। इंसान के सदमे और इमोशन का बाज़ार बनाया जा चुका है। बैकग्राउंड में मातमी धुन डाल कर देखने वाले की आँख से आँसू निकाल अपनी जेबें जो भरनी होती हैं ।

दुनिया भर में इमोशन बहुत बड़ा बाज़ार है इसमें अनंत संभावनाएं हैं। पूँजीवाद अपने बाज़ार के लिये युद्ध करवाता है। जिसमे देश शहर तबाहो बर्बाद होते हैं। फिर बाज़ार वहाँ पहुँचता है। एनजीओ को पैसा देता है। एनजीओ आँसू पोंछते हैं। मातमी बैकग्राउंड म्यूज़िक के साथ डाक्यूमेंट्री बनती है। उस डाक्यूमेंट्री को बड़े बड़े ईनाम मिलते हैं,और फिर ये बाज़ार फलता फूलता रहता है।

हम सब इसी बाज़ार के ग्राहक हैं और मुहम्मद अली भट्ट जैसे लोग सामान हैं। जिसे कैसे हमारे सामने पेश करना है कि हम सीना पीटते हुए ख़रीदने दौड़े ये बाज़ार के व्यापारी तय करते है। कभी एक सन लाइट साबुन से नहाना धोना (कपड़ा) सब होता था. आज शरीर के हर हिस्से के लिए अलग साबुन,शैम्पू है। वैसे ही इमोशनल वाला धंधा है। कभी अभिनंदन है तो कभी मुहम्मद अली भट्ट है।

लेखक – इकबाल अहमद

तेजी से सिमटता जीवन स्रोत

संस्कृत में जल ,नीर, वारि अंग्रजी में वाटर के नाम से पुकारे जाने पानी की कमी से आजकल न्यूज़ पेपर रंगे हुए आते हैं, जिन ख़बरों को हम गरम चाय की चुस्की पीते हुए पढ़ जाते हैं, बिना किसी शिकन के | शायद हमारे घरों में पानी की उपलब्धता अच्छी है, जिससे इन ख़बरों पर हम ध्यान नहीं देते |

जब सातवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान में लिखा है, की पृथ्वी पर 29 (उनतीस) प्रतिशत भाग पर जमीन है, और 71 (इकहत्तर) प्रतिशत भाग पर पानी है, तो लोग क्यों इतना हाय- हाय मचाये हैं पानी बचाओ पेड़ बचाओ| ये जो जलभाग का प्रतिशत देखकर आप खुश हो लिए तो असल बात सुनिए, इस पानी में से 97 प्रतिशत पानी खारा है, उपयोग योग्य तीन प्रतिशत पानी का अधिकाश भाग बर्फ के रूप में है केवल 0.0003 प्रतिशत जल ही पीने योग्य है, जिसको हम सम्हाल नहीं पा रहे हैं, और दुरूपयोग करते हुए उसे प्रदूषित जल में तब्दील कर रहे हैं |

जब पीने योग्य पानी की इतनी कम मात्रा ही हमारे पास मौजूद है, तो हम चिंतित होने और इसको बचाने की और सुरक्षित करने की बजाय, जो पानी का संतुलन बनाये रखते हैं, उन पेड़ो को भौतिक विकास को तेज़ी से बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में काट रहे है, अभी हाल ही में देखें तो मुंबई के तटीय इलाकों में बुलेट ट्रेन के ट्रेक के बीच में आने वाले पांच हज़ार मेग्रोव के पेड़ काटने की खबर आई है, ध्यातव्य है मेग्रोव वृक्ष की वह प्रजाति है, जो भूमि को बाँध कर रखती है और बारिश को संतुलित रखती हैं, ऐसे में ये वृक्ष काटे जाने पर वहां की तट की मिट्टी बह जायेगी और बाढ़ आने की सम्भावना खतरनाक स्तर पर पहुँच जाएगी| सरकार योजना में थोडा बदलाव इस सम्भावना को पहले ही ख़त्म कर सकती है ।

पानी हमारी जरुरत है और इसके बिना जीना मुमकिन नहीं है इसलिए पानी का बचाया जाना आज जरुरी है, इलाज़ से बेहतर है पहले ही सावधान रहा जाए की तर्ज पर पहले ही सावधानी रखी जाना जरुरी है, अन्यथा देरी नहीं लगेगी देश में बड़ी परेशानी आने में, मौजूदा समय में पानी की सुरक्षा के लिए दो स्तर पर उपाय होना बहुत जरुरी है और वो हैं, व्यक्तिगत स्तर पर, दूसरी सरकारी और व्यापक स्तर पर, व्यक्तिगत स्तर पर पानी का मितव्ययता से इस्तेमाल किया जावे, दूसरी और सरकारी स्तर पर पानी को सुरक्षित रखने वाली परियोजनाए बनायी जावे, और उनको तुरंत अमली जामा पहनाया जावे, पेडो की कटाई पर तुरन्त रोक लगाई जावे, अगर ऐसा नहीं होता है तो अगली पीढ़ी तो छोडिये हमारा भी जीना मुश्किल हो जाएगा ।

पीयूष जैन शास्त्री

दो नाबालिगों ने की पांच साल की मासूम से दरिंदगी

दिल्ली की सीमा से सटे कपसेहेड़ा से एक डरा देने वाली खबर समान आई है जिसे सुनकर आप चौंकने पर मजबूर हो जायेंगे ।

दिल्ली से सटे कपसेहेड़ा में एक पाँच साल की एक मासूम बच्ची के साथ 10 और 11साल के दो नाबालिगों ने टॉफी का लालच देकर रेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया ।

इस घटना पर मिली जानकारी के अनुसार मामला कुछ यूँ है सोमवार शाम झुग्गी में रहने वाली मासूम पड़ोस के बच्चों के साथ खेल रही थी बताया जाता है उसी वक्त दोनो आरोपी बच्ची को टॉफी का लालच देकर करीब के पार्क में ले गये जहां उन्होंने उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया ।

जब बच्ची की माँ कुछ देर बाद उसे खोजते हुए पार्क पोंहचीं तो उसने देखा दोनों आरोपी बच्ची के साथ रेप कर रहे उसके आवाज देने पर वह दोनो बच्ची को छोड़कर भाग गये ।

पुलिस को सूचना देने के बाद बच्ची को मेडिकल के लिए ले जाया गया जहाँ उसके साथ हुऐ रेप की पुष्टि हुई, पुलिस द्वारा आस पास के इलाके में छापेमारी कर दोनो नाबालिग आरोपियों को पकड़ कर जुवेनाइल एक्ट के तहत करेक्शन रूम भेज दिया गया ,बच्ची का फिलहाल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है ।

मुख़्तार अंसारी हुए बरी,मंदिरों में पूजा अर्चना कर भगवान को धन्यवाद दे रहा हिंदू वर्ग

मुख्तार अंसारी के बरी होने पर हिंदू भाईयों ने मंदिरों में जाकर की पूजा अर्चना, बाँटी मिठाईयां ।


कल मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी और सांसद अफजाल अंसारी जी के सीबीआई कोर्ट से बरी होने के बाद आज उनके गृहजनपद गाजीपुर के यूसुफपुर मोहम्मदाबाद के शुमेश्वर महादेव मंदिर स्थान महदेवा, हनुमान मंदिर शहनिन्दा में सभासद राकेश यादव और पप्पू यादव ने अपने साथियो के साथ इन मन्दिरों में जाकर पूजा अर्चना की तथा प्रसाद बाँटकर खुशी का इजहार किया ।

जमानियाँ के में दरौली के हनुमान मंदिर मे जाकर पुजारी विजेंद्र पांडेय के हाथों हवन यज्ञ किया गया तथा इस न्याय की जीत के लिये बजरंग बली सहित सभी देवी देवताओं की वन्दना की गयी । अनिल यादव ने कहा की ये असत्य पर सत्य की जीत है पिछले 14सालों से बेकसूर अंसारी परिवार को एक साजिश के तहत फंसाकर जेलों मे बंद किया गया है लेकिन हमें अपने न्याय पालिका और भगवान पर पूरा भरोसा था कि गरीबों के मसीहा को न्याय मिलेगा हम सबने भगवान जी से मन्नत माँगी थी जो आज पूरी हुई है इसलिए हम सभी भगवान बजरंग बली सहित सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद लेने आये और प्रार्थना करते है कि बाकी मुकदमों मे भी बरी होकर मुख्तार अंसारी जल्द ही हम लोगो के बीच मे आये ।

इस मौके पर राकेश यादव, पप्पू यादव, बृजेश यादव, दीना यादव, सौरभ यादव आदि ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया

अपने सच से मुंह मोड़ लेने से कोई देश महान नहीं बनता

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बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी को स्पेशल कोर्ट ने किया बाइज्जत बरी ।

बीजेपी MLA कृष्णनंदन राय के हत्या के आरोप से आज CBI स्पेशल कोर्ट ने मुख्य आरोपी मुख्तार अंसारी समेत सभी पाँचो आरोपीयों को आरोप मुक्त कर दिया ।

गौर तलब है बसपा विधायक मुख्तार अंसारी समेत इस मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया था जिसमें से एक आरोपी मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या कर दी गयी थी ।

अलीगढ़ : थाने पोंहची दुल्हन वजह जानकर रह जायेंगे हैरान !

अलीगढ़ में एक अजीबो गरीब और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक दुल्हन ने शादी से इसलिए इनकार कर दिया, क्योंकि उसके जीजा को खाने के लिए आईसक्रीम नहीं मिली,बात इस हद तक बढ़ी कि मामला पुलिस थाने तक जा पोंहचा ।

अलीगढ़ के सासनी गेट पर स्थित एक बारात घर (मैरिज होम) में शादी समारोह चल रहा था,जिसके दौरान दुल्हा-दुल्हन पक्ष आईसक्रीम खाने को लेकर आपस में भीड़ गया।

मामले ने तब और ज्यादा तूल पकड़ लिया जब दुल्हन को इस बात की खबर लगी कि उसके जीजा को आईसक्रीम नहीं खाने दिया गया जिस से दुल्हन ने शादी के मंडप में जाने से इंकार कर दिया ।

इस सब हंगामे के बाद दुल्हन सुबह सासनी थाने पोंहच गई, जहां उसने आईसक्रीम खाने को लेकर हुए विवाद के बीच दूल्हा पक्ष द्वारा मारपीट किये जाने,और दो लाख अतिरिक्त दहेज की मांग किये जाने का आरोप लगाते हुए शादी से इंकार कर दिया । दुल्हन के बाद थाने पोंहचे दूल्हे ने दुल्हन को मनाने की कोशिश की पर दुल्हन जिद पर अड़ी रही,दोनो पक्षों के काफी लोग जमा हो जाने पर थोड़ी बातचीत होने के बाद दोनों पक्षों के बीच फिर झड़प शुरू हो गयी । बताया जा रहा है दुल्हन मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र की रहने वाली है,वहीं दूल्हा सासनी थाना क्षेत्र के ही महेंद्र नगर का रहने वाला है ।

इस तरह से हल हो सकती है रेप की समस्या !

जिस तरह हर रोज रेप की खबरों से अखबर सोशल मीडिया और न्यूज चैनल अटे पड़े हैं,उससे एक बात साफ है इस मुल्क में महिलाओं के प्रति अत्याचार ने एक महामारी का रूप ले रखा है,हर दिन किसी नई जगह से इंसान के खौफनाक रूप को दिखाने वाली खबरें आती हैं ।

अभी कल ही की तो बात है एक नौ महीने की बच्ची से रेप की कोशिश में नाकाम रहने पर उसकी हत्या की खबर सुर्खियों में थी,उससे ठीक एक दिन पहले चार साल की बच्ची से रेप की खबर सुर्खियों में थी और दस दिन पहले अलीगढ़ के टप्पल में एक ढ़ाई साल की बच्ची से रेप कर उसकी हत्या की खबर पर देश का गुस्सा और टेलीविजन का न्यूज ऐंकर उबल मार रहा था ।

आखिर क्यों इस बात को नहीं मान लिया जाता कि महिलाओं को लड़कियों को और बच्चियों को समझाने से पहले इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत है पुरूषों को लड़कों को और बुढ्ढों को समझाने की उन्हें ये शिक्षा देने की कि महिलायें भी इंसान हैं जीती जागती चलती फिरती उन्हें भी आजादी से जीने का उतना ही अधिकार है जितना तुम्हें है ।

किसी ना किसी जघन्य वारदात के बाद अक्सर सब कुछ हाईलाइट हो जाते है, सख्त कानून, कड़ी कार्रवाई की बातें होने लगती हैं, कड़ी निन्दा,कठोर शब्दों में भर्त्सना चारों तरफ से आने लगती है कभी वालीवुड कभी टॉलीवुड कभी नेताओं की तरफ से आर्दशवाद की चाशनी में शब्द लपेटकर परोसे जाने लगते हैं,पर क्या इससे कुछ बदलता है क्या सच में इससे कोई फर्क पड़ता है?

दरअसल नहीं बिलकुल भी नहीं कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि आदत हो चली है हमारे समाज को दो-तीन दिन हल्ला मचाकर खामोश हो जाने की,मुजरिम के गिरफ्तार हो जाने के बावजूद भी सालों केस चलता है,केस में सजा सुना भी दी जाये तो पहले हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट में फिर से सालों लग जाते हैं फाईनल सजा डिक्लेयर होने में, निर्भया रेप कांड के वक्त तो एक नया कानून तक बना पर क्या उसके बाद बलात्कारों का सिलसिला थमा है?

हर बार सिस्टम और सरकार को कोसने भर से काम चल सकता है? जल्द ही सब खामोश होकर अगले किसी हादसे का इंतजार करने लगते हैं ताकि फिर से यही सब दोहराया जा सके ।

आज जरूरत है सरकार और समाज के साझा प्रयासों से ग्रामीण स्तर से लेकर मैट्रो सिटी तक में स्कूलों में एक नये सब्जेक्ट के तौर पर ह्यूमन नेचर को पढ़ाये जाने की कि कैसे और क्यों इंसान जानवरों से बेहतर और कब वो हैवानों को पीछे छोड़ देता ये हमें अपने बच्चों को समझाना पड़ेगा,खासकर मर्दानगी को लेकर जिन धारणाओं को गढ़ दिया गया है उन्हें तोड़ने की,उसके लिए जरूरी है हमारी सरकार और सेंसर बोर्ड भी ज्यादा सेंसिटिव हो फिल्में और टीवी ही नहीं बेब सीरिज तक को सेंसर किया जाये और महिलाओं के प्रति कामुकता को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाया जाये ।

अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर हम कच्चे जहनो पर पड़ने वाले गलत प्रभावों को नजर अंदाज नहीं कर सकते, मौजूदा वक्त में कानून और न्याय व्यवस्था में इस तरह के मामलों को निपटाने के लिए अलग से व्यवस्था करने की जरूरत है, जिसमें सेवा निवृत्त न्यायधीशों को साथ लेकर नया विभाग बनाया जा सकता है,टेलीविजन और इंटरनेट का व्यापक इस्तेमाल होना चाहिए जागरूकता फैलाने के लिए और सिनेमा हॉल में 52 सेकैंड के राष्ट्रगान के बाद एक दो मिनट का इसी विषय से जुड़ा विज्ञापन दिखाना अनिवार्य कर देना चाहिए ।