सच में विश्व गुरु बन चुके हैं हम !

अब हम सच में विश्व गुरु बन चुके हैं पूरा विश्व हमारे साथ योग डे मन रहा है और क्यों ना मनाये आखिर हमारे मानिये प्रधानमंत्री जी सैंकड़ों करोड़ खर्च कर योग दिवस मना रहे हैं हमारी माननीय सांसद महोदया संसद भवन में अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर मुजफ्फरपुर में हो रहीं मौतों पर बेहतरीन संवादों की अदायगी कर रही हैं उन्हें सुनकर खड़े होकर तालियाँ बजने का मन करता है ,मन से श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन करता हूँ ।

और रही बात जनता की वो तो मस्त है ही और क्यों ना हो आखिर बच्चे तो फिर पैदा कर लिए जायेंगे इसमें कौनसी बड़ी बात है,आखिर इसी हुनर के बल पर ही तो हम जल्द ही चीन को पछाड़कर इस क्षेत्र की महाशक्ति बनने वाले हैं ।

गाहे बगाहे कुछ लोग हैं जो उत्सव प्रेमी इस देश के उत्सवों के मौके पर रंग में भंग डालने की अपनी आदतों से बाज नहीं आते,आखिर कब तक ये फ्रीडम ऑफ स्पीच के नाम पर अपना ये नंगा नाच करते रहेंगे,हमारा मुल्क शांति प्रिय था है और रहेगा,कुछ बे कीमत लाशें इसकी शांति कभी भंग नहीं कर सकतीं ।

लोकतंत्र का थोथा खंबा पूरी ईमानदारी से योग दिवस पर खर्च हुई एक एक पाई की नुमाइश कर जनता को गर्व मेहसूस करवाने की कोशिश कर रहा है,पर कुछ देशद्रोही लोग हैं जो देश के विश्वगुरु बनाने के इस पावन पर्व को हजम नहीं कर पाते हैं,ऐसे गद्दारों को चौराहों पर जमीन में गाड़ कर पत्थर मार मार कर कुचल देना चाहिए ये नमक हराम ना खुद गर्व मेहसूस करते हैं और ना ही औरों को करने देते हैं ।

आज ही गर्व करने की एक खबर और आई है जिसे ये गद्दार और चाटुकार मीडिया दबा कर बैठ गया है,विश्व गुरु के “चौकीदार” को एक बड़े सर्वे में विश्व का सबसे ताकतवर नेता माना गया ब्लादमीर पुतिन,डोनाल्ड ड्रंप जैसे महान नेताओं को पीछे छोड़कर हमारे आदरणीय युग पुरुष को सबसे ज्यादा ताकतवर नेता माने गए हैं ।

मुझे पूरा यकीन है भारत के इतिहास में मौजूदा दौर सुनहरे हर्फों में लिखा जायेगा,आखिर यही वो दौर होगा जब भारत जैसे एक पिछड़े देश को तमाम समस्याओं से निकल कर हम विश्व को योग का ज्ञान दे रहे हैं जो कि अपने आप में अभूतपूर्व है,भला कब और कहाँ किसी अन्य देश ने अपनी सस्याओं पर इस तरह विजय पाई होगी ये सोच सोचकर ही मेरा सीना गर्व से चौड़ा हुआ जा रहा है कि में भी इस दौर का एक हिस्सा हूँ.

जय हिन्द,जय भारत,जय जवान,जय सेना,जय बाबा पतंजलि,जय योग,जय युग पुरूष,भारत माता की जय,वन्दे मातरम्,और “जय लोकतंत्र”

सैय्यद असलम अहमद

नरेंद्र मोदी नामक इस गुब्बारे की हवा अब निकल चुकी है?

अब जब भी मैं मोदी को सुनता हूँ तो मेहसूस होता है कि नरेंद्र मोदी नामक इस गुब्बारे की हवा अब निकल चुकी है? क्योंकि अब उनके भाषण में कुछ भी नया  या अलग नहीं होता जो ये संकेत देता है कि बीते पिछले पाँच सालों में प्रधानमंत्री के तौर पर ही नहीं एक राजनेता के तौर पर भी नरेन्द्र मोदी खाली हाँथ ही रहे हैं ।

2013 के वक्त के बाद से जबसे मैंने नरेंद्र मोदी को सुनना शुरू किया है तबसे अब तक एक बात ही स्पष्ट तौर पर समाने आयी है,कि नरेंद्र मोदी एक स्टीरियो टाईप(एकरूपता वाले) व्यक्ति हैं जिनके पास अब कोई विजन नहीं रहा है और आगे भी शायद ना हो, क्यूंकि पांच सालों में तो “एंड्रॉयड” सिस्टम भी लगभग चार से पांच बार अपग्रेड हो चुका है पर श्रीमान नरेंद्र मोदी जी का ना तो कोई अपडेट हुआ है ना ही किसी भी नयी थीम ने उनके मन मष्तिक में जन्म लिया है,मतलब ये कि पाँच साल से प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पद पर रहने के बाद भी इस व्यक्ति का टोटल विकास “जीरो” है मतलब सेम इंटरफेस सेम यूजर एक्सपीरियंस ।

जिस मोदी लहर के दम पर वे सत्ता में आये थे आज भी उनके मन मष्तिक में वही सवार है वे दिमागी तौर पर आज भी खुदको विपक्ष का ही नेता मानते हैं । उनके पिछले पांच सालों के कथित “विकास” का कोई भी स्वरूप वे इतना मज़बूत नहीं कर सके हैं जिसे लेकर जनता के बीच जा सकें,आप पाँच साल पहले के और उनके आज के भाषण सुनिए आपको जरा भी फर्क नजर नहीं आयेगा कुछ शब्द भी सेम टू सेम आज भी उसी अंदाज में इस्तेमाल करते हैं ।

प्रधानमंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण और गरिमापूर्ण पद पर आसीन होने के बाद भी इस व्यक्ति के अंदर का अहसास-ए-कमतरी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा,ये आज भी खुदको मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री कहने की हिम्मत नहीं पैदा कर पाये हैं,पर चायवाला,और चौकीदार कहलाने में गर्व मेहसूस करते हैं क्या इनसे ये सवाल नहीं होना चाहिए कि क्या ज्यादा महत्वपूर्ण है तकरीबन 15 साल मुख्यमंत्री रहना 5 साल प्रधानमंत्री रहना या फिर कुछ साल “कथित” चायवाला रहना ?

वैसे सच कहूँ तो यार मोदी जी अब आप बोर करने लगे हैं उन्ही घिसे पिटे जुमलों के साथ गाँधी,नेहरू, पाकिस्तान,गर्व,राष्ट्रवाद और देशभक्ति कभी इन शब्दों के बिना भी कुछ बोलकर साबित कीजिए कि आप सच में एक नेता हैं संघ का टेपरिकॉर्डर नहीं ।

आपका एक सच्चा फैन – सैय्यद असलम अहमद