गाजियाबाद : विजयनगर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़

कल दिनांक 26 July को पच्चीस हजार का ईनामी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया दो अन्य निकल भागने में कामयाब ।

गाजियाबाद क्राइम ब्रांच थाना विजयनगर इंस्पेक्टर और उनकी टीम के संयुक्त प्रयास से पच्चीस हजार का ईनामी बदमाश आकिल पुत्र प्राकश निवासी ग्राम छोलस जारचा गौतमबुद्ध नगर को आज पुलिस से हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया ।

गाजियाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा इंस्पेक्टर विजय नगर को सूचना दी कि 6 July 2019 गाजियाबाद थाना क्षेत्र से माल समेत चोरी की गयी गाड़ी Max Bulero,नंबर U.P14 H.T 8018 को कुछ बदमाशों द्वारा TNT चौराहा सिद्दार्थ विहार में बेचने की कोशिश की जा रही है,सूचना के बाद इंस्पेक्टर विजयनगर और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच टीम ने मौके पर पोंहच बदमाशों की घेराबंदी कर दी पुलिस को देख बदमाशों ने भागने की कोशिश की और जब पुलिस ने उनका पीछा किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जबाबी कारवाई में पुलिस द्वारा की गयी फायरिंग में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया बाकी दो भागने में कामयाब रहे,पुलिस ने घायल को गिरफ्तार कर चोरी की गयी गाड़ी बरामद कर ली ।

गिरफ्तार किए गये बदमाश से जब पूछताछ की गयी जिसमे उसने अपना नाम आकिल पुत्र प्राकश बताया,पुलिस ने बताया आकिल अन्य मामलों में भी वांछित था और उसके ऊपर पच्चीस हजार का ईनाम भी है।

पाँच साल पहले सोशल मीडिया पर लिखा था पोस्ट, पुलिस ने लगाया देशद्रोह

प्रधानमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट लिखने के एक पाँच साल पुराने मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पोस्टकर्ता इंचौली निवासी “फहम अजीम सिद्दिकी” के खिलाफ आई टी एक्ट और देशद्रोह का मुकदमा कायम कर कोर्ट में हाजिर किया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया ।

फहम ने अप्रेल 2014 में प्रधानमंत्री के खिलाफ आठ दस पोस्ट लगाए थे,जिसपर भाजपा के नेता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फेसबुक मुख्यालय कैलीफोर्निया से सूचना मांगी थी,जिसके आधार पर फहम के खिलाफ आई टी एक्ट और धारा 124A(देशद्रोह)लगाई गयी है।

23 साल कैद के बाद बेगुनाह साबित हुऐ अली भट्ट का भावनाओं के बाजार में स्वागत ।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वाईरल हो जहा हैं जिसमें एक व्यक्ति कब्र पर औंधे मुँह लेटा हुआ है,दो व्यक्ति जो हाथों में कैमरा लिए हुए हैं वे इसे प्रोफ़ेशनल अंदाज़ में शूट कर रहे है, वीडियो आगे बढ़ने पर नजर आता है एक व्यक्ति उस औंधे मुँह लेटे व्यक्ति को उठाने के लिए आगे आता है,तभी वहीं मौजूदा अन्य व्यक्ति जो कैमरे की जद मे आने से बचते हुए उसे उठाने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को ऐसा करने से मना करता नजर आता है ।

ये कब्र पर लेटा व्यक्ति मुहम्मद अली भट्ट है,22 मई सन 1996 को एक बस जो बीकानेर से आगरा जा रही थी,समलेकी नामक स्थान पर उस बस मे विस्फोट होता है और 14 लोग मारे जाते है और 37 घायल हो जाते हैं,उस घटना के कई आरोपियों में मुहम्मद अली भट्ट भी एक आरोपी था,जिन्दगी के अहम 23 साल जेल में गुज़ारने के बाद मुहम्मद अली भट्ट अदालत से निर्दोष साबित हुआ है,हमेशा की तरह सवाल फिर वही है कि उसके इन 23 सालों का हिसाब कौन देगा जो उसने बिना किसी गुनाह के जेल में गुज़ारे हैं,कांग्रेस की हुकूमत के वक़्त के दो ख़ौफ़नाक काग़ज़ी संगठन सिमी और इंडियन मुजाहिदीन “मुसलमानों औक़ात मे रहो” मुहीम को सलीक़े से अंजाम देते रहे,आजकल ये दोनो संगठन विलुप्त है,क्योंकि वर्तमान सरकार को ढक छुपकर कुछ भी करने की ज़रूरत नही है, आजकल तो फ़ैसला ऑन द स्पॉट किया जा रहा है,दोषी होने के लिये कोई आपत्तिजनक साहित्य बम बंदूक नहीं डेढ़ दो किलो गोश्त ही काफ़ी होता है ।

बात शुरू हुई थी कब्र पर औंधे मुँह लेटे मुहम्मद अली भट्ट से,मुहम्मद अली भट्ट जिस कब्र पर लेटा है वो उसके वालिद की क़ब्र है । 22 साल का वक़्त बहुत होता है,इस दौरान उसे पैरोल पर भी बाहर नही आने दिया गया क्योंकी वो एक ख़ूँख़ार आतंकवादी होने का आरोपी था । जेल से रिहा होने के बाद जब वो बाप को पुरसा देने क़ब्रिस्तान पहुँचा तो भावनाओं का ज्वार बर्दाश्त नही कर पाया और बाप की क़ब्र से लिपट गया,फिर वही हुआ जो ऊपर लिखा है ।

भावनाओं के व्यापार में मुनाफा बहुत और मेहनत कम है, इन्हीं भावनाओं के कई बड़े खिलाड़ी इस वक़्त तख़्तनशी है । वैसे इस खेल के छोटे मोटे खिलाड़ी हर जगह है । एक व्यक्ति जो 22 साल बाद अपनी बेगुनाही साबित कर जेल बाहर आता है । 22 साल पहले उसका बाप ज़िंदा था आज वो मिट्टी के नीचे दबा हुआ है । उसकी कैफ़ियत दूर बैठे हम आप महसूस कर सकते हैं। लेकिन दोनो प्रोफ़ेशनल कैमरा पर्सन को देखिए,उनके लिये मुहम्मद अली भट्ट भावनाओ के बाज़ार का वो कच्चा माल है जिसे नमक मिर्च लगाकर बाज़ार में बेचा जायेगा। ऐसा ही कुछ दिन पहले बाज़ार मे अभिनंदन था। ख़ैर वो बड़ा खेल था। इस छोटे खेल में भी कमज़ोर दिल वालों का तो कलेजा फट ही जायेगा,आवेश में मुट्ठियाँ तनेंगी,हुंकार उठेगी,और फिर सब शांत हो जायेगा हमेशा की तरह। लेकिन इसी सबके बीच किसी का मिशन पूरा होगा,कोई यूट्यूब चैनल हिट होगा,और फिर कहीं अगले शिकार की तलाश होगी। गिद्ध जो अब लुप्तप्राय है, इस पक्षी की ख़ासियत थी कि मरते जानवर के पास बैठ कर उसकी जान निकलने का इंतज़ार करता था। जान निकले की वो टूट पड़े। वो कालजयी फ़ोटो याद कीजिये जिसमें भूख से मरते बच्चे के पास गिद्ध बैठा है. उस फ़ोटोग्राफ़र मे इंसानियत ज़िंदा थी,वो इस मंज़र का सदमा बर्दाश्त नही कर पाया और उसने ख़ुदकुशी कर ली थी। लेकिन आज ऐसा कहाँ होता है। इंसान के सदमे और इमोशन का बाज़ार बनाया जा चुका है। बैकग्राउंड में मातमी धुन डाल कर देखने वाले की आँख से आँसू निकाल अपनी जेबें जो भरनी होती हैं ।

दुनिया भर में इमोशन बहुत बड़ा बाज़ार है इसमें अनंत संभावनाएं हैं। पूँजीवाद अपने बाज़ार के लिये युद्ध करवाता है। जिसमे देश शहर तबाहो बर्बाद होते हैं। फिर बाज़ार वहाँ पहुँचता है। एनजीओ को पैसा देता है। एनजीओ आँसू पोंछते हैं। मातमी बैकग्राउंड म्यूज़िक के साथ डाक्यूमेंट्री बनती है। उस डाक्यूमेंट्री को बड़े बड़े ईनाम मिलते हैं,और फिर ये बाज़ार फलता फूलता रहता है।

हम सब इसी बाज़ार के ग्राहक हैं और मुहम्मद अली भट्ट जैसे लोग सामान हैं। जिसे कैसे हमारे सामने पेश करना है कि हम सीना पीटते हुए ख़रीदने दौड़े ये बाज़ार के व्यापारी तय करते है। कभी एक सन लाइट साबुन से नहाना धोना (कपड़ा) सब होता था. आज शरीर के हर हिस्से के लिए अलग साबुन,शैम्पू है। वैसे ही इमोशनल वाला धंधा है। कभी अभिनंदन है तो कभी मुहम्मद अली भट्ट है।

लेखक – इकबाल अहमद

धोनी जिसे कहते हैं…..

एक लंबे बालों वाला एक लड़का भारतीय क्रिकेट टीम में आता है, आड़े तिरछे शाट्स खेलता है…..लोग कहते हैं ये क्या खेलेगा ? ये लम्बे बालों वाला क्या कीपिंग करेगा ? लेकिन लोगों को क्या पता था कि ये भारतीय क्रिकेट इतिहास में ऐसा नाम करेगा कि उसके जैसा न कोई था, न कोई है, न कोई होगा…..!!!!!

2007 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश से हारकर बाहर हो जाना और इंग्लैंड से सीरीज हारने के बाद द्रविड ने कप्तानी छोड़ दी और कप्तानी दी गई उसी लम्बे बालों वाले लड़के को जो अब तक बैटिंग में अपना लोहा मनवाना शुरू कर चुका था, और शुरू हुआ टी-20 विश्व कप, जिसको एक बेहद युवा टीम के साथ जीतकर इस लम्बे बालों वाले खिलाड़ी ने अपनी कप्तानी का बिगुल फूंक दिया और शुरू हुआ भारतीय क्रिकेट इतिहास का स्वर्णिम युग…..लेकिन अब वो खिलाड़ी लम्बे बालों वाला नहीं रहा, अब उसने बाल कटवा लिये थे…..!!!!!
दादा ने टीम को लड़ना सिखाया तो धोनी ने जीतना…..!!!!!

उस समय आस्ट्रेलिया ऐसी टीम थी जो अजेय थी, मैं तो ये इंतजार करती कि इंडिया आस्ट्रेलिया को कब हरायेगा, और 2008 की ट्राई सीरीज आस्ट्रेलिया में ही जीत कर सबको ये भी बता दिया कि ये नया भारत है, घर में घुसेगा भी और मारेगा भी…..!!!!!
2011 विश्व कप तो किसको ही भूलेगा, वो आख़िरी छक्का और वो लाइन,
Dhoni finishes off in style, magnificent strike into the crowd…..India lift the world cup after 28 years and party starts in the dressing room and it’s an Indian Captain who has absolutely been magnificent in the night of the final…..

इस खिलाड़ी के बारे में जितना लिखो उतना कम होगा,
हाथों से ग्लव्स को टाइट करते हुये पूरी फील्ड को देखना और फिर आँखों को अंगूठे से हल्का सा रगड़कर दोनों कंधों को एक बार उचकाने के बाद जब खेलने के लिये तैयार होता है तो पूरा देश इस खिलाड़ी की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहा होता है…..और उसके बाद जब हेलीकाप्टर उड़ता है तो पूरा देश उछल पड़ता है…..!!!!!
धोनी ने तो देश को वो दे दिया जो शायद हम कभी सोच भी न पायें…..!!!!!

लेकिन धोनी होना भी इतना आसान कहाँ है !
धोनी होने के लिये आपको लोगों की टूटती उम्मीदों को जोड़ना होता है, जमीन पर खड़े होकर हेलीकाप्टर उड़ाना होता है, टूटे अँगूंठे के साथ खेलना पड़ता है, बिना देखे गेंद को स्टंप्स में मारना पड़ता है, पलक झपकने से पहले गिल्लियाँ बिखेर देना होता है…..कोई कितना कुछ बोल ले लेकिन उस पर कोई प्रतिक्रिया न देना और मैदान में जवाब देना होता है धोनी होना…..धोनी होने के बाद भी सबसे मुश्किल काम ये है कि धोनी होकर भी धोनी बने रहना…..!!!!!
मेरे लिए क्रिकेट तभी पूरा होता है ,जब तीन डण्डों के पीछे खड़ा धोनी आंखों से सुन और हाथों से बोल रहा हो…..जब सबके माथे पर पसीने की बूंदे हों उस वक्त में भी शान्त रह कर मैच को जीत कर ले आना होता है धोनी होना…..!!!!!

जिसने देश को माता पिता माना, माँ की गोदी से ज्यादा वक्त क्रिकेट मैदान पर बिताया, देश के लिए खेलने का सपना कब जिम्मेदारी में बदल गया पता ही नहीं चला, युवा टीम को लेकर अपनी चतुराई से ट्वेंटी वर्ल्ड कप दिला दिया, टीम को टेस्ट में नंबर 1 का ताज पहनाया और एशिया कप में एशिया का स्टार बना दिया…..परन्तु अभी उसकी जिम्मेदारी पूरी नहीं हुई थी अभी एक सूखे को खत्म करना था जो सालो से चला आ रहा था, अभी क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को उनके सपने के साथ विदाई देनी थी, सबके सहयोग बेहतरीन टीम संयोजन और करोड़ों लोगों की दुआओ से उसने ये भी कर दिखाया और भारत को वर्ल्ड कप दिलाकर सबको उत्सव मनाने का मौका दिया…..!!!!!
2011 के बाद भारत को मिल रही लगातार हार पर विचार किया और टीम में सीनियर खिलाड़ियों के साथ विराट, रोहित,धवन जैसे नए खिलाड़ियों को मौका दिया उनको तरासा और तैयार किया और एक मजबूत बेंच स्ट्रेंथ दिया…..ताकि सीनियर खिलाड़ियों के जाने के बाद टीम का हाल श्रीलंका या अफ्रीका जैसा ना हो जैसा की आज उनका है…..उसकी इस दूरगामी सोच ने आज भारत को विश्व की सबसे मजबूत टीम बना दिया…..इस सोच के लिए उसकी आलोचना भी हुई पर देश लिए सोचने वाले आलोचना की नहीं सोचते…..!!!!!

उसने कप्तानी भी छोड़ दी है अब वो सारी जिम्मेदारियों से मुक्त हो गया है, अब वो मैदान पर मजे करता है, आईपीएल जीतने के बाद ट्रॉफी टीम को देकर अपनी बेटी के साथ खेलता है, वक्त पाकर मैदान पर सो जाता है, दर्शकों के साथ दौड़ लगाता है, विपक्षी टीम के खिलाड़ियों को खेल के तरीके सिखाता है, उसे अब किसी चीज की फिकर नहीं है, जब तक वो मैदान पर है वो हर एक पल जीना चाहता है, उसको करने दो जो कर रहा उसके बारे में सोचना बंद कर दो…..वो वह बाप है जो अपने परिवार को मजबूत और आने वाली पीढ़ी को अपने पैरो पर खड़ा कर चुका है…..!!!!!

तुम उसको कुछ बोलो वो तो बहरा है…..उसे अपने चाहने वालो से ही नहीं पूरे देश से लगाव है…..आलोचक वहीं मिट्टी में मिल जाते है जब वो ग्राउंड में पहला कदम रखता है और हजारों लोग खड़े होकर उसका स्वागत करते है…..!!!!!

धोनी वो इंसान है जो ‘कप्तान धोनी’ के नाम से ही जाना जायेगा, वो भले ही कप्तानी छोड़ दे लेकिन खुद कप्तानी उसको छोड़ नहीं सकती…..वो इकलौता माही है…..!!!!!

क्रिकेट पहले भी खेला जाता था,
क्रिकेट आगे भी खेला जायेगा…..लेकिन आँखों में जीत का भरोसा लिये एक इकलौता सा इंसान शायद अब क्रिकेट को अलविदा कह दे…..तुम उसको कितना भी बोल लो, लेकिन जिस दिन धोनी रिटायर होगा न, उस दिन पूरे देश के साथ वो बाइस गज की पट्टी और वो तीनों ड़डे भी रोयेंगे, जिसके पीछे वो 15 साल से खड़ा है…..

जब जब इस बाइस गज की पट्टी और विकेट के पीछे खड़े खिलाड़ियों की बात होगी, तब तब एक नाम सबसे पहले लिया जायेगा…..वो नाम है…..महेन्द्र सिंह ‘धोनी’…..

याद रखना एक हार से कोई फकीर नहीं बनता,
और एक जीत से कोई सिकन्दर नहीं बनता…..सिकन्दर बनने के लिये पहले धोनी बनना पड़ता है!!!

Shefta Parveen

तेजी से सिमटता जीवन स्रोत

संस्कृत में जल ,नीर, वारि अंग्रजी में वाटर के नाम से पुकारे जाने पानी की कमी से आजकल न्यूज़ पेपर रंगे हुए आते हैं, जिन ख़बरों को हम गरम चाय की चुस्की पीते हुए पढ़ जाते हैं, बिना किसी शिकन के | शायद हमारे घरों में पानी की उपलब्धता अच्छी है, जिससे इन ख़बरों पर हम ध्यान नहीं देते |

जब सातवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान में लिखा है, की पृथ्वी पर 29 (उनतीस) प्रतिशत भाग पर जमीन है, और 71 (इकहत्तर) प्रतिशत भाग पर पानी है, तो लोग क्यों इतना हाय- हाय मचाये हैं पानी बचाओ पेड़ बचाओ| ये जो जलभाग का प्रतिशत देखकर आप खुश हो लिए तो असल बात सुनिए, इस पानी में से 97 प्रतिशत पानी खारा है, उपयोग योग्य तीन प्रतिशत पानी का अधिकाश भाग बर्फ के रूप में है केवल 0.0003 प्रतिशत जल ही पीने योग्य है, जिसको हम सम्हाल नहीं पा रहे हैं, और दुरूपयोग करते हुए उसे प्रदूषित जल में तब्दील कर रहे हैं |

जब पीने योग्य पानी की इतनी कम मात्रा ही हमारे पास मौजूद है, तो हम चिंतित होने और इसको बचाने की और सुरक्षित करने की बजाय, जो पानी का संतुलन बनाये रखते हैं, उन पेड़ो को भौतिक विकास को तेज़ी से बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में काट रहे है, अभी हाल ही में देखें तो मुंबई के तटीय इलाकों में बुलेट ट्रेन के ट्रेक के बीच में आने वाले पांच हज़ार मेग्रोव के पेड़ काटने की खबर आई है, ध्यातव्य है मेग्रोव वृक्ष की वह प्रजाति है, जो भूमि को बाँध कर रखती है और बारिश को संतुलित रखती हैं, ऐसे में ये वृक्ष काटे जाने पर वहां की तट की मिट्टी बह जायेगी और बाढ़ आने की सम्भावना खतरनाक स्तर पर पहुँच जाएगी| सरकार योजना में थोडा बदलाव इस सम्भावना को पहले ही ख़त्म कर सकती है ।

पानी हमारी जरुरत है और इसके बिना जीना मुमकिन नहीं है इसलिए पानी का बचाया जाना आज जरुरी है, इलाज़ से बेहतर है पहले ही सावधान रहा जाए की तर्ज पर पहले ही सावधानी रखी जाना जरुरी है, अन्यथा देरी नहीं लगेगी देश में बड़ी परेशानी आने में, मौजूदा समय में पानी की सुरक्षा के लिए दो स्तर पर उपाय होना बहुत जरुरी है और वो हैं, व्यक्तिगत स्तर पर, दूसरी सरकारी और व्यापक स्तर पर, व्यक्तिगत स्तर पर पानी का मितव्ययता से इस्तेमाल किया जावे, दूसरी और सरकारी स्तर पर पानी को सुरक्षित रखने वाली परियोजनाए बनायी जावे, और उनको तुरंत अमली जामा पहनाया जावे, पेडो की कटाई पर तुरन्त रोक लगाई जावे, अगर ऐसा नहीं होता है तो अगली पीढ़ी तो छोडिये हमारा भी जीना मुश्किल हो जाएगा ।

पीयूष जैन शास्त्री

दो नाबालिगों ने की पांच साल की मासूम से दरिंदगी

दिल्ली की सीमा से सटे कपसेहेड़ा से एक डरा देने वाली खबर समान आई है जिसे सुनकर आप चौंकने पर मजबूर हो जायेंगे ।

दिल्ली से सटे कपसेहेड़ा में एक पाँच साल की एक मासूम बच्ची के साथ 10 और 11साल के दो नाबालिगों ने टॉफी का लालच देकर रेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया ।

इस घटना पर मिली जानकारी के अनुसार मामला कुछ यूँ है सोमवार शाम झुग्गी में रहने वाली मासूम पड़ोस के बच्चों के साथ खेल रही थी बताया जाता है उसी वक्त दोनो आरोपी बच्ची को टॉफी का लालच देकर करीब के पार्क में ले गये जहां उन्होंने उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया ।

जब बच्ची की माँ कुछ देर बाद उसे खोजते हुए पार्क पोंहचीं तो उसने देखा दोनों आरोपी बच्ची के साथ रेप कर रहे उसके आवाज देने पर वह दोनो बच्ची को छोड़कर भाग गये ।

पुलिस को सूचना देने के बाद बच्ची को मेडिकल के लिए ले जाया गया जहाँ उसके साथ हुऐ रेप की पुष्टि हुई, पुलिस द्वारा आस पास के इलाके में छापेमारी कर दोनो नाबालिग आरोपियों को पकड़ कर जुवेनाइल एक्ट के तहत करेक्शन रूम भेज दिया गया ,बच्ची का फिलहाल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है ।

भारत को मिली नयी उड़न परी

भारतीय धाविका हिमा दास ने पोलैंड में चल रहे पोंजान ऐथलेटिक्स ग्रांड प्री 2019 के 200 मीटर फर्राटा दौड़ वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया ।

हिमा दास ने 200 मीटर की इस दौड़ में 23.65 सेकेंड का समय निकाल स्वर्ण पर कब्जा जमाया वहीं भारत की ही V.K विस्माया ने 23.75 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया ।

हिमा की इस उपलब्धि पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को ट्वीट कर बधाई दी,सोनवाल ने लिखा पोंजान एथलेटिक्स ग्रां प्री 2019 के 200 मीटर वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली असम की धाविका हिमा दास को बधाई भविष्य के लिए लिए उनको शुभकामनाएं,जिसपर हिमा दास ने भी ट्वीट कर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया ।

हिमा दास को भारत की नई उड़ान परी भी बताया जा रहा हिमा इससे पहले जकार्ता में भी 400 रिले में स्वर्ण जीत चुकी हैं ।

मुख़्तार अंसारी हुए बरी,मंदिरों में पूजा अर्चना कर भगवान को धन्यवाद दे रहा हिंदू वर्ग

मुख्तार अंसारी के बरी होने पर हिंदू भाईयों ने मंदिरों में जाकर की पूजा अर्चना, बाँटी मिठाईयां ।


कल मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी और सांसद अफजाल अंसारी जी के सीबीआई कोर्ट से बरी होने के बाद आज उनके गृहजनपद गाजीपुर के यूसुफपुर मोहम्मदाबाद के शुमेश्वर महादेव मंदिर स्थान महदेवा, हनुमान मंदिर शहनिन्दा में सभासद राकेश यादव और पप्पू यादव ने अपने साथियो के साथ इन मन्दिरों में जाकर पूजा अर्चना की तथा प्रसाद बाँटकर खुशी का इजहार किया ।

जमानियाँ के में दरौली के हनुमान मंदिर मे जाकर पुजारी विजेंद्र पांडेय के हाथों हवन यज्ञ किया गया तथा इस न्याय की जीत के लिये बजरंग बली सहित सभी देवी देवताओं की वन्दना की गयी । अनिल यादव ने कहा की ये असत्य पर सत्य की जीत है पिछले 14सालों से बेकसूर अंसारी परिवार को एक साजिश के तहत फंसाकर जेलों मे बंद किया गया है लेकिन हमें अपने न्याय पालिका और भगवान पर पूरा भरोसा था कि गरीबों के मसीहा को न्याय मिलेगा हम सबने भगवान जी से मन्नत माँगी थी जो आज पूरी हुई है इसलिए हम सभी भगवान बजरंग बली सहित सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद लेने आये और प्रार्थना करते है कि बाकी मुकदमों मे भी बरी होकर मुख्तार अंसारी जल्द ही हम लोगो के बीच मे आये ।

इस मौके पर राकेश यादव, पप्पू यादव, बृजेश यादव, दीना यादव, सौरभ यादव आदि ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया

अपने सच से मुंह मोड़ लेने से कोई देश महान नहीं बनता

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काम नहीं आया अमित शाह का धरना………..

भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड मामले में आज 13 साल की सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया, स्पेशल कोर्ट ने कहा CBI उतने सबूत नहीं जुटा सकी जिससे आरोपियों पर आरोप सिद्ध हो

इस मामले में मुख्तार अंसारी और मुन्ना बजरंगी के अलावा पांच अन्य पर इलजाम थे,सभी आरोपियों मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी,संजीव महाश्वरी,एजाजुल हक,राकेश पाण्डेय,रामू मल्लाह,मंसूर अंसारी,और अफजाल अंसारी के खिलाफ CBI पर्याप्त सबूत नहीं जुटा सकी जिसके चलते आज इन सबको बरी कर दिया गया ।

2005 में जब ये वारदात हुई थी उस वक्त इसने भारत की राजनीति में हलचल मचा दी थी,उस समय आज के मौजूदा गृहमंत्री अमित शाह इस हत्याकांड के विरोध में धरने पर बैठ गये थे, उनके धरने के बाद ही इस हत्याकांड की जांच CBI को सौंप दी गयी थी ।

इस हत्याकांड में सीधे तौर पर अंसारी बंधुओं पर आरोप लगाते हुए कहा गया था कि उन्ही के कहने पर मुन्ना बजरंगी ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया था ।

कहा ये भी जाता है कि कृष्णानंद राय मुख्तार अंसारी के खास दुश्मन माफिया डॉन बृजेश सिंह के बेहद करीबे थे जिसके चलते इस टकराव की स्थिति पैदा हुई और नतीजन कृष्णानंद राय को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा,इसी हत्याकांड के आरोपी मुन्ना बजरंगी की भी जेल में हत्या कर दी गयी ।