हमारी राजनैतिक मुश्किलें

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राजनीति में आपका नेता चुनते वक्त अगर आपको उसके बारे में इतना भी ज्ञान नहीं कि आपका नेता जमीन पर किस तरह काम करता है,उसकी खासियत किया है,उसका भविष्य का रोड मैप क्या है,फिर भी आप अगर उसे सिर्फ इस बिनाह पर चुन लेते हैं कि वो वाक्ता बहोत अच्छा है,वो बेखौफ बेबाक बहोत है,यकीन जानिये सबसे बड़ी नाइंसाफी तो आप ही करते हैं उसके साथ !

राजनीति के मापदंड सिर्फ दो होते हैं भावनात्मक या फिर मुद्दों की राजनीति,भावनात्मक राजनीति का हमेशा ही बोलबाला रहा है हमारे देश में,धर्म को लेकर जात को लेकर क्षेत्रवाद को लेकर,लातादद पार्टियाँ अब तक भारत की राजनीति में आ चुकी हैं और सत्ता का स्वाद भी चख चुकी हैं,और ऐसा शायद इसलिए भी है कि हमारे देश में मुद्दों पर भावनायें हमेशा भारी रही हैं क्योंकी भावनात्मक होना ही हम भारतीयों की सबसे बड़ी खूबी और खामी भी रही है !

जमीनी स्तर पर आप भावनात्मक रूप से चुनकर आये नेता से कोई उम्मीद नहीं कर सकते,क्योंकी वो हमेशा आपको आपकी ही भावनाओं में उलझा कर रख देता है और यही मौजूदा समय में हो भी रहा है,फिर भी आप हैं कि समझने को तय्यार नहीं,इसका मतलब होता है या तो भावनात्मक रूप से आप खुदको सबसे ज्यादा असुरक्षित मेहसूस करते हैं या फिर आपको आपकी असल समस्याओं का पता ही नहीं है !

भारत में सामाजिक स्तर पर कोई भी समस्याओं को उठाने पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहता है,अधिकतर लोगों को सिर्फ जात,धर्म,क्षेत्र,भाषा,आदि के रूप में ही समस्याओं को सीमित करने की आदात है,जोकि आजादी के इतने सालों बाद भी देश का उपेक्षाकृत विकास ना हो पाने की एक बड़ी वजह है !

जब तक आप खुदकी समस्या नहीं समझेंगे और समस्याओं के हिसाब से नेता नहीं चुनेगे तब तक आपकी किसी समस्या का समाधान मुमकिन नहीं,आप भावनात्मक स्तर पर नेताओं को वॉकओवर देना बंद नहीं कर देंगे तब तक देश कभी आगे नहीं बढ़ पायेगा, इसलिए बहोत जरूरी हो जाता कि आप इसे समझें और इसी पर अपने आस पास के लोगों के साथ चर्चा करें और यकीन जानिए ये ही असल देशभक्ति है !

जरूरी हो चुका है कि मौजूदा वक्त में नेताओं को कोसने से ज्यादा वक्त हम नेताओं को ढूंढकर उन्हें राजनीति में आगे लाने का प्रयास करें और इसके लिए बहोत जरूरी है कि सबसे पहले खुदको इन सभी मापदंडों पर खुदको भी तौल लें हो सकता है आपकी भीतर भी एक नेता हो और आप उसे बाहर ढूंढ रहे हों,बस थोड़ी राजनैतिक समझ और अपनी बात बेहतर ढंग से रखने की काबिलियत को निखारने की जरूरत हो ।

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