क्या है जेनेवा संधि

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पुलवामा हमले के बाद से ही भारत पाकिस्तान के बीच एक अघोषित युद्ध जारी है जो फिलहाल लगता है अब समापन की ओर बढ़ रहा है, हालांकि इतिहास को देखते हुए पड़ोसी मुल्क जो अभी अपने एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है की नीयत पर सवाल भी बने रहेंगे,फिर भी उसी पाकिस्तान द्वारा हमारे एक सैनिक अभिनंदन को रिहा करने को लेकर तमाम तरह की आलोचनाओं निंदाओं सराहनाओं के बीच चर्चा का एक केंद्र जेनेवा समझौता भी है, इसलिए ये सही वक्त है इसे जानने समझने का आखिर क्या है ये समझौता?और क्यों इसे लेकर एक पक्ष सरकार की पीठ थपथपा रहा है तो दूसरा इसके आधार पर सरकार की आलोचना कर रहा है ??

जेनेवा समझौते में कई नियम हैं इस समझौते में चार संधियाँ और तीन अलग प्रोटोकॉल (मसौदे) हैं,जिनका मकसद युद्ध के वक्त मानवीय मूल्य बनाये रखने के लिए के लिए कानून तय्यार करना है !

-इस संधि के मुताबिक किसी भी युद्धबंदी के साथ अमानवीय बर्ताव नहीं किया जा सकता.
– किसी देश का सैनिक जैसे ही पकड़ा जाता है उस पर ये संधि लागू होती है (फिर चाहे वह स्‍त्री हो या पुरुष)
-संधि के मुताबिक युद्धबंदी को डराया-धमकाया नहीं जा सकता.
– युद्धबंदी की जाति, धर्म, जन्‍म आदि बातों के बारे में नहीं पूछा जाता
-इस संधि के तहत घायल सैनिकों की उचित देखभाल सुनिश्चित की जाती है

मानवीय मूल्यों को बनाये रखने के लिए पहली बार सन 1864 में संधि हुई थी उसके बाद 1906 और 1929 में,वहीं 1949 में दूसरे विश्व युद्ध के बाद 194 देशों ने मिलकर चौथी संधि की थी जिसमें भारत और पाकिस्तान भी शामिल हैं !

इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेडक्रास के मुताबिक जेनेवा समझौते में युद्ध के दौरान बंदी बनाये गये सैनिकों और घायलों के साथ कैसा बर्ताव हो इसे लेकर दिशा निर्देश दिये गये हैं,इसमें साफतौर पर कहा गया है कि युद्धबंदियों के क्या क्या अधिकार हैं , साथ ही समझौते में युद्ध क्षेत्र में घायलों की उचित देखभाल और आम लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की बात कही गयी है !

युद्धबंदियों के साथ बार्बरता नहीं दिखाई जाना चाहिए,उनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए, सैनिकों को कानूनी मदद मुहैया कराने की भी बात की गयी है, जेनेवा समझौते के तहत युद्धबंदियों को डराया धमकाया और अपमानित नहीं किया जा सकता है इसी संधि के तहत युद्धबंदियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है,पर युद्ध के बाद युद्धबंदियों को वापस भेजना होता है, युद्धबंदियों से उनका नाम,पद,नंबर और उनकी यूनिट के बारे में ही पूछा जा सकता है ।

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